Friday, 23 December 2016

किसान दिवस

सर्दी की ठिठुरती रातें और गर्मी की चिलचिलाती धूप में कड़ी मेहनत करने वाले अन्नदाता को सलाम.

भारत  एक कृषि प्रधान देश है। भारत की अर्थवव्यस्था कृषि पर आधारित हैं।  लेकिन इस कृषि प्रधान देश में भी हमारे किसानो की दशा दयनीय है। वो किसान जो खेतो में दिन रात मेहनत कर अन्न उगाता हैं बिना धुप  छांव की परवाह किये दिन रात मेहनत करता हैं।  उसके खेतो में उग रहा अन्न सिर्फ अपने लिए, अपने कुनबे के लिए या फिर अपने गांव के लिए ही नहीं ,बल्कि पुरे देश के लिए यहाँ तक की हमारे यहाँ उत्पादित फसलेविदेशो में भी निर्यात की जाती है। 
अन्न उगाने वाले किसान को खुद पता नहीं ,उसके खेतों में उगा अन्न,किस घर में,किस परिवार की भूख मिटा रहा है।  ज़रा सोचिए ये किसान जो दिन-रात मेहनत कर,सर्दी,गर्मी,बरसात की बिना परवाह किये। खेतों में लगा रहता है अगर अन्न ना उगाए तो शायद स्कूलों में बच्चों के लंच के लिए बजने वाली घंटिया सिर्फ घंटिया बजकर ही रह जाएगी। 
चांदी,सोने से ज़ड़ी उन पैसो वालो की प्लेटे खाली ही रह जाएगी। बात-बात पर भूख हड़ताल करने वाले नेता भूख हड़ताल करना भूल जायेंगे। 
दिन-रात मेहनत मजदूरी करने वाला ये किसान अगर अपने खेतों में उत्पादित अन्न को बेचना बंद कर दे तो शायद शहरो में रहने वाले लोग निवाले तक को तरस जायेंगे।   हम में से कुछ लोग डॉक्टर,इंजीनियर ,पुलिस,बैंककर्मी या फिर व्यापारी हैं । हम सब के काम करने का निश्चित टाइम या शिफ्ट होती है। 6 घंटे, 8घंटे या फिर ज्यादा से ज्यादा 10 घंटे लेकिन किसान का कोई टाइम फिक्स नहीं होता।  सबसे ज्यादा मेहनत खून-पसीना बहाना आमदनी सबसे कम। 
दूसरो को निवाला देने वाला ये किसान खुद भूखा-प्यासा कड़ाके की धूप और सर्दी की ठीठुरति रातों में भी कड़ी मेहनत करता है। ताकि कोई भूखा ना सोये, सब को अन्न का दान मिल सके। 
खेतों में बीज बोने से लेकर फसल के कटने तक इतनी मेहनत खून-पसीने के बाद भी आखिर जब किसान मंडी पहुचता है तो एक उम्मीद के साथ मगर हाथ सिर्फ निराशा ही लगती है|


अपनी वस्तु का दाम भी खुद नहीं लगा सकता कर्जे के बोझ के कारण उसे अपनी फसल जो लगता हैं दाम उसी में बेचनी पड़ती हैं। अगली फसल फिर से वही एक आस एक उम्मीद होती है। इस बार की फसल होगी तब कुछ करूँगा और ऐसे ही चलता रहता है। 
अनुज पारीक 
धुन ज़िन्दगी की  

Monday, 19 December 2016

सोनी मेक्स क्यो दिखाता है बार-बार सूर्यवंशम



एक ऐसी फिल्म है,जो हमें अक्सर दिखाई देती है। 
इस फिल्म का नाम है'सूर्यवंशम'। इस फिल्म ने टीवी पर कई बार टेलीकास्ट होने का रिकॉर्ड बना लिया है। 
फिल्म के कई किरदार मसलन हीरा ठाकुर,राधा,गौरी और मेजर रंजीत लोगों की जुबान पर रहते हैं। 
इस फिल्म का कोई सीन हो या फिर डायलॉग लोगों को रट गए हैं। 
सोशल मीडिया में तो फिल्म को लेकर कई जोक्स भी बन चुके हैं। हालांकि अब फिल्म के टीवी पर बार-बार आने की वजह सामने आई है।चैनल ने फिल्म के राइट्स को 100 साल के लिए खरीदा...
दरअसल,सेट मैक्स(अब सोनी मैक्स)पर बार-बार दिखाई जाने वाली इस फिल्म को लेकर असल वजह अब सामने आई है। 
एक वेबसाइट क्योरा के एक यूज़र के मुताबिक सोनी मैक्स की मार्केटिंग हेड वैशाली शर्मा हैं। 
वैशाली के मुताबिक,सोनी मैक्स ने फिल्म सूर्यवंशम के राइट्स को 100 साल के लिए खरीद लिया है। 
ऐसे में,जब राइट्स खरीदने में इतना पैसा लगाया है तो फिल्म तो दिखाई ही जाएगी।

सेम ईयर में आए चैनल और फिल्म...

वैसे,बार-बार फिल्म दिखाने की एक वजह ये भी हो सकती है कि जब यह फिल्म 1999 में रिलीज़ हुई थी तो उसी साल मैक्स चैनल को लॉन्च किया गया था। मतलब फिल्म और चैनल दोनों सेम ईयर में ही आए थे। बता दें कि ये फिल्म 21 मई 1999 में रिलीज हुई थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल किया था। चैनल सैट मैक्स अब सोनी मैक्स में बदल गया,लेकिन फिल्म का टीवी में आना कम नहीं हुआ। 

अब इस दुनिया में नहीं है फिल्म की लीड एक्ट्रेस...
फिल्म की लीड एक्ट्रेस सौंदर्या रघु अब इस दुनिया में नहीं हैं। 
प्लेन हादसे के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
 साउथ में एक्टिव रहीं सौंदर्या की'सूर्यवंशम'पहली और आखिरी बॉलीवुड फिल्म थी। 

PM Invites Suggestion for Mann Ki Baat




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में राष्ट्र को संबोधित करेंगे। आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 27वां संस्करण होगा।
इस कार्यक्रम के जरिए मोदी जनहित के कई मुद्दों पर अपने विचार जनता के सामने रखते हैं।

नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री का 25 दिसंबर को यह दूसरा ‘मन की बात’ संबोधन है।
ऐसे में माना जा रहा है कि वह नोटबंदी पर भी अपने विचार रख सकते हैं।
 मन की बात का यह इस वर्ष का अंतिम संस्करण होगा।

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में विभिन्न मुद्दों और समस्याओं पर आम जनता से विचार और सुझाव मांगे हैं।
ये सुझाव फोन, ईमेल, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों और ऐप के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे जा सकते हैं।
 इन विचारों और सुझावों को प्रधानमंत्री अपने संबोधन में शामिल करते हैं और अपने विचार व्यक्त करते हैं।



हीरो अलोम


इन दिनों सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के एक्टर अशरफुल अलोम सईद का नाम अचानक से सुर्ख़ियों में ट्रेंड कर रहा है. जिसकी खास वजह यह है कि बांग्लादेश में सईद ‘हीरो अलोम’ के नाम से मशहूर हैं. बांग्लादेश के इस एक्टर को सोशल मीडिया और यू-ट्यूब स्टार के तौर पर जाना जाता है. लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर अचानक से इनकी चर्चा भारत में क्यों होने लगी है?

अलोम का उड़ रहा है मजाक

बॉलीवुड और हॉलीवुड में ‘हीरो’ की जो पर्सनालिटी होती है. अगर उस पैमाने के लिहाज से देखें तो अलोम साधारण कद काठी, पतले शरीर और सांवले रंग के हैं और भारत में चर्चा में आने की वजह उनका शरीर और रंग ही है. सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग हीरो अलोम का मजाक बना रहे हैं.

अलोम के व्यू लाखों में

ख़बरों के मुताबिक हीरो अलोम कई म्यूजिक वीडियो बना चुके हैं. इन वीडियो में वह खुद हीरो का रोल करते हैं. साथ में गोरे रंग की सुंदर मॉडल्स भी होती हैं. सोशल मीडिया पर इन्हीं वीडियो से ली तस्वीरें शेयर की जा रही हैं. अलोम के यू-ट्यूब चैनल के व्यू लाखों में हैं. अलोम का लोकल केबल नेटवर्क का बिजनेस भी है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अलोम की काबिलियत की तारीफ भी कर रहे हैं.

Thursday, 15 December 2016

International Tea Day - Anuj Pareek/DhunZindagiKi


हम में से ज्यादातर लोगो की दिन की शुरुवात चाय से ही होती हैं |
ज़रा सोचिये अगर चाय नहीं हो तो क्या हो ?
हम में से कई लोगो की तो दिन की शुरुवात हो पाना ही मुश्किल हो जाएगी|
कई जरूरी काम पेंडिंग ही रह जायेंगे 
मूड ठीक नहीं होने या मूड फ्रेश करने के लिए चाय का उपयोग किया जाता जाता हैं 
या फिर चाय की  चुस्की के साथ गप्पे लड़ाना 
दोस्तों के साथ चाय की थड़ी पे चाय के साथ सपनो की दुनिया में खो जाना 
चाय वाक़ई चाय ना हो तो क्या हो 
तो चलिए जानते हैं चाय से जुडी खास जानकारी धुन ज़िन्दगी के इंफोटेनमेंट के पिटारे में जहां मिलता हैं आपको मस्ती के साथ इंफोटेनमेंट बोले तो ढेर सारी रोचक जानकारी एक अलग अंदाज़ में तो पढ़ते रहिये रोज़ाना जानकारी का खज़ाना धुन ज़िन्दगी की 
भारत में चाय का कारोबार शुरू से ही चलता आ रहा हैं असम में चाय के बागान हैं 
लेकिन क्या आप जानते हैं भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व भर में मनाया जाता हैं चाय दिवस जी हां इंटरनेशनल टी डे पुरे वर्ल्ड में मनाया जाता हैं 
आज इंटरनेशनल टी डे पर आज हम आपको बताएंगे पहला चाय दिवस कब और कहा मनाया गया 
पहला चाय दिवस 15 दिसम्बर 2005 को नई दिल्ली में मनाया गया था और दूसरा इंटरनेशनल टी डे श्रीलंका में 15 दिसम्बर 2006 को मनाया गया था 
चाय की चुस्की के साथ पढ़ते रहिये धुन ज़िन्दगी की 
अनुज पारीक 
धुन ज़िन्दगी की 
Keep Reading & Keep Smiling Dhun Zindagi Ki 

Wednesday, 14 December 2016

धुन बचाव की/DhunZindagiKi

बुद्ध ने एक सच्चाई बताई थी---
​मरना सभी को है...​​लेकिन मरना कोई नहीं चाहता...​
आज परिस्थिति और भी विषम हैं​|
भोजन सभी को चाहिए लेकिन..​--  ​खेती करना कोई नहीं चाहता​....
पानी सभी को चाहिए लेकिन..​​पानी बचाना कोई नहीं चाहता..​..
दूध सभी को चाहिए लेकिन ...​..​गाय पालना कोई नहीं चाहता...​
​छाया सभी को चाहिए लेकिन...​.​पेड़ लगाना और उसे​ जिन्दा रखना कोई नहीं चाहता...​
बहु सभी को चाहिए पर.....​बेटी बचाना कोई नहीं चाहता !!
Save Water .......
पानी बचाओ 
पेड लगाओ 
बेटी बचाओ
Dhun Zindagi Ki 

Saturday, 10 December 2016

मानव अधिकार दिवस/human right's day

अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे
दुसरो के अधिकारों का भी सम्मान करे


मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। वर्ष 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर को हर साल इसे मनाये जाने की घोषणा की गयी थी। इसे सार्वभौमिक मानव अधिकार घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के सम्मान में प्रतिवर्ष इसे विशेष तिथि पर मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में मानव अधिकार दिवस आधिकारिक तौर पर 1950 में 4 दिसंबर को स्थापित किया गया था।
सभी सदस्य देशों और रुचि लेने वाले संगठनों को इस दिन को मनाने के लिए आमंत्रित किया गया। मानवाधिकार का उच्चायुक्त कार्यालय मानवाधिकारों की घोषणा का (380 के आसपास भाषाओं) में अनुवाद संग्रह और दुनिया भर में वितरण में के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा सम्मानित किया गया
ये दिन मानव अधिकारों के सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राजनीतिक सम्मेलनों, बैठकों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वाद-विवाद और कई और कार्यक्रमों का आयोजन करके मनाया जाता है।
समानता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था लाने तथा शोषितों को उनका वाजिब हक दिलाने की कम्यूनिस्ट अवधारणा ने भी मानवाधिकारों के प्रति सम्मान करने का मार्ग प्रशस्त किया । विश्व के अनेक देशों में लोकतांत्रिक सरकारों के गठन से इस मार्ग के अवरोध दूर होने लगे क्योंकि सबों को न्याय मिल सके, लोगों को उन्नति के समान अवसर झप्त हों, यह लोकतंत्र का मूलमंत्र है ।
इस तरह जब दुनिया में शांति, स्थिरता, आत्मसम्मान आदि भावनाएँ प्रबल हुईं तो मानव के जायज अधिकारों के बारे में गंभीर चिंतन आरंभ हुआ । संयुक्त राष्ट्र संघ के गठन के तात्कालिक एवं दीर्घकालिक उद्‌देश्यों को गंभीरता से देखें तो मानवाधिकारों को तय करना, उसकी रक्षा करना जैसी बातें उसी में से निकल कर आती हैं ।
किसी भी देश में मानव गरीबी सबसे बड़ी मानव अधिकार चुनौती है। मानव अधिकार दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन से गरीबी का उन्मूलन और जीवन को अच्छी तरह से जीने में मदद करना है। विभिन्न कार्यक्रम जैसे: संगीत, नाटक, नृत्य, कला सहित आदि कार्यक्रम लोगों को अपने अधिकारों को जानने में मदद करने और ध्यान केन्द्रित करने के लिये आयोजित किये जाते हैं।
Equal = 
Human Right's Day 

Dhun Zindagi Ki 



Thursday, 1 December 2016

JolyWood/जॉलीवुड/DhunZindagiKi

बदलते वक़्त और दौर के साथ राजस्थानी सिनेमा 
भी अपनी  रचनात्मकता क्रियाशीलता व तकनीकी  के बदौलत प्रतिमान गढ रहा है .
राजस्थान की फिल्म इंडस्ट्री में भी वक़्त के साथ नए बदलाव व नए - नए एक्सपेरिमेंट से राजस्थानी सिनेमा भी पॉलीवुड व टॉलीवुड  की तरह देश भर के सिनेमा पर होगा . 
जॉलीवुड का असर भी दर्शको के सर चढ़ कर बोल रहा है .
जॉलीवुड जी हां अब राजस्थानी सिनेमा जॉलीवुड के नाम से जाना जायेगा !

jio New Year Offer

Jio India Jee Bhar ke Digital Life
                 
          Jio India jio Digital LYF 


रिलायंस जिओ यूजर्स के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिलायंस जिओ चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की है की जिओ यूजर्स अब वेलकम ऑफर का 31 मार्च तक इस्तेमाल कर सकते हैं| आपको बता दें कि यह ऑफर 5 सितंबर को लॉन्च किया गया था और 31 दिसंबर को खत्म होना था। लेकिन अब यह प्लान 31 मार्च 2017 तक जारी रहेगा। टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि ट्राई के मौजूदा नियमों के तहत कोई भी ऑपरेटर 90 दिन से ज्यादा यूजर्स को फ्री वेलकम ऑफर नहीं दे सकता।

रिलायंस जिओ कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा है कि जिओ का वेलकम ऑफर अब 31 मार्च 2017 तक चलेगा|

जिओ का हैप्पी न्यू इयर ऑफर:-

कंपनी के चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने यूजर के डाटा इस्तेमाल करने का आंकलन किया है। इसी के चलते कंपनी हैप्पी न्यू इयर ऑफर लॉन्च कर रही है। इस ऑफर के तहत यूजर जितना डाटा यूज करता है उससे 30 फीसदी ज्यादा डाटा यूजर को दिया जाएगा।

क्या है कंपनी का वेलकम ऑफर?

रिलायंस जिओ ने अपने यूजर्स को 3 महीने तक फ्री अनलिमिटेड इंटरनेट, कॉल्स और जिओ एप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन दिया था। साथ ही यूजर्स को फ्री एसएमएस की सुविधा भी दी थी।



1. 5 सितंबर से 31 दिसंबर 2016 तक रिलायंस जियो दे रहा सब कुछ फ्री
2. रिलायंस जियो वेल्कम ऑफर, अनलिमिटेड डाटा वॉयस एसएमएस वाइफाइ जियो एप्स 31 दिसंबर 2016 तक मिलेगा बिल्कुल फ्री
3. किसी भी डाटा प्लान के साथ वॉयस कॉलिंग और एसएमएस हमेशा के लिए फ्री
4. भारत के 30,000 स्कूलों और कॉलेज में लगेगा जियो वाइ-फाइ, मोबाइल डाटा यूसेज होगा कम
5. स्पेशल स्टूडेंट ऑफर, आईकार्ड दिखाने पर स्टूडेंट्स को मिलेगा 25 फीसदी अतिरिक्त डाटा
6. हर प्लान में अनलिमिटेड नाइट फ्री डाटा
7. महज 50 रुपये में मिलेगा 1जीबी डाटा
8. रिलायंस जियो में नहीं लगेंगे रोमिंग चार्जेज
9. रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए सारी वॉयस कॉल फ्री
10. आधार कार्ड के जरिए 15 मिनट में मिलेगा जियो कनेक्शन
11. 15000 रुपये की एप्स सब्सक्रिप्शन जियो दिसंबर 2017 तक देगा फ्री
12. अधिक डाटा यूज करने पर डाटा की कीमत होती जाएगी कम.

Jio India Jio Digital LYF 

Jio India Jio Digital LYF