Friday, 23 December 2016

किसान दिवस

सर्दी की ठिठुरती रातें और गर्मी की चिलचिलाती धूप में कड़ी मेहनत करने वाले अन्नदाता को सलाम.

भारत  एक कृषि प्रधान देश है। भारत की अर्थवव्यस्था कृषि पर आधारित हैं।  लेकिन इस कृषि प्रधान देश में भी हमारे किसानो की दशा दयनीय है। वो किसान जो खेतो में दिन रात मेहनत कर अन्न उगाता हैं बिना धुप  छांव की परवाह किये दिन रात मेहनत करता हैं।  उसके खेतो में उग रहा अन्न सिर्फ अपने लिए, अपने कुनबे के लिए या फिर अपने गांव के लिए ही नहीं ,बल्कि पुरे देश के लिए यहाँ तक की हमारे यहाँ उत्पादित फसलेविदेशो में भी निर्यात की जाती है। 
अन्न उगाने वाले किसान को खुद पता नहीं ,उसके खेतों में उगा अन्न,किस घर में,किस परिवार की भूख मिटा रहा है।  ज़रा सोचिए ये किसान जो दिन-रात मेहनत कर,सर्दी,गर्मी,बरसात की बिना परवाह किये। खेतों में लगा रहता है अगर अन्न ना उगाए तो शायद स्कूलों में बच्चों के लंच के लिए बजने वाली घंटिया सिर्फ घंटिया बजकर ही रह जाएगी। 
चांदी,सोने से ज़ड़ी उन पैसो वालो की प्लेटे खाली ही रह जाएगी। बात-बात पर भूख हड़ताल करने वाले नेता भूख हड़ताल करना भूल जायेंगे। 
दिन-रात मेहनत मजदूरी करने वाला ये किसान अगर अपने खेतों में उत्पादित अन्न को बेचना बंद कर दे तो शायद शहरो में रहने वाले लोग निवाले तक को तरस जायेंगे।   हम में से कुछ लोग डॉक्टर,इंजीनियर ,पुलिस,बैंककर्मी या फिर व्यापारी हैं । हम सब के काम करने का निश्चित टाइम या शिफ्ट होती है। 6 घंटे, 8घंटे या फिर ज्यादा से ज्यादा 10 घंटे लेकिन किसान का कोई टाइम फिक्स नहीं होता।  सबसे ज्यादा मेहनत खून-पसीना बहाना आमदनी सबसे कम। 
दूसरो को निवाला देने वाला ये किसान खुद भूखा-प्यासा कड़ाके की धूप और सर्दी की ठीठुरति रातों में भी कड़ी मेहनत करता है। ताकि कोई भूखा ना सोये, सब को अन्न का दान मिल सके। 
खेतों में बीज बोने से लेकर फसल के कटने तक इतनी मेहनत खून-पसीने के बाद भी आखिर जब किसान मंडी पहुचता है तो एक उम्मीद के साथ मगर हाथ सिर्फ निराशा ही लगती है|


अपनी वस्तु का दाम भी खुद नहीं लगा सकता कर्जे के बोझ के कारण उसे अपनी फसल जो लगता हैं दाम उसी में बेचनी पड़ती हैं। अगली फसल फिर से वही एक आस एक उम्मीद होती है। इस बार की फसल होगी तब कुछ करूँगा और ऐसे ही चलता रहता है। 
अनुज पारीक 
धुन ज़िन्दगी की  

Monday, 19 December 2016

सोनी मेक्स क्यो दिखाता है बार-बार सूर्यवंशम



एक ऐसी फिल्म है,जो हमें अक्सर दिखाई देती है। 
इस फिल्म का नाम है'सूर्यवंशम'। इस फिल्म ने टीवी पर कई बार टेलीकास्ट होने का रिकॉर्ड बना लिया है। 
फिल्म के कई किरदार मसलन हीरा ठाकुर,राधा,गौरी और मेजर रंजीत लोगों की जुबान पर रहते हैं। 
इस फिल्म का कोई सीन हो या फिर डायलॉग लोगों को रट गए हैं। 
सोशल मीडिया में तो फिल्म को लेकर कई जोक्स भी बन चुके हैं। हालांकि अब फिल्म के टीवी पर बार-बार आने की वजह सामने आई है।चैनल ने फिल्म के राइट्स को 100 साल के लिए खरीदा...
दरअसल,सेट मैक्स(अब सोनी मैक्स)पर बार-बार दिखाई जाने वाली इस फिल्म को लेकर असल वजह अब सामने आई है। 
एक वेबसाइट क्योरा के एक यूज़र के मुताबिक सोनी मैक्स की मार्केटिंग हेड वैशाली शर्मा हैं। 
वैशाली के मुताबिक,सोनी मैक्स ने फिल्म सूर्यवंशम के राइट्स को 100 साल के लिए खरीद लिया है। 
ऐसे में,जब राइट्स खरीदने में इतना पैसा लगाया है तो फिल्म तो दिखाई ही जाएगी।

सेम ईयर में आए चैनल और फिल्म...

वैसे,बार-बार फिल्म दिखाने की एक वजह ये भी हो सकती है कि जब यह फिल्म 1999 में रिलीज़ हुई थी तो उसी साल मैक्स चैनल को लॉन्च किया गया था। मतलब फिल्म और चैनल दोनों सेम ईयर में ही आए थे। बता दें कि ये फिल्म 21 मई 1999 में रिलीज हुई थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल किया था। चैनल सैट मैक्स अब सोनी मैक्स में बदल गया,लेकिन फिल्म का टीवी में आना कम नहीं हुआ। 

अब इस दुनिया में नहीं है फिल्म की लीड एक्ट्रेस...
फिल्म की लीड एक्ट्रेस सौंदर्या रघु अब इस दुनिया में नहीं हैं। 
प्लेन हादसे के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
 साउथ में एक्टिव रहीं सौंदर्या की'सूर्यवंशम'पहली और आखिरी बॉलीवुड फिल्म थी। 

PM Invites Suggestion for Mann Ki Baat




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में राष्ट्र को संबोधित करेंगे। आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 27वां संस्करण होगा।
इस कार्यक्रम के जरिए मोदी जनहित के कई मुद्दों पर अपने विचार जनता के सामने रखते हैं।

नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री का 25 दिसंबर को यह दूसरा ‘मन की बात’ संबोधन है।
ऐसे में माना जा रहा है कि वह नोटबंदी पर भी अपने विचार रख सकते हैं।
 मन की बात का यह इस वर्ष का अंतिम संस्करण होगा।

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में विभिन्न मुद्दों और समस्याओं पर आम जनता से विचार और सुझाव मांगे हैं।
ये सुझाव फोन, ईमेल, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों और ऐप के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे जा सकते हैं।
 इन विचारों और सुझावों को प्रधानमंत्री अपने संबोधन में शामिल करते हैं और अपने विचार व्यक्त करते हैं।



हीरो अलोम


इन दिनों सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के एक्टर अशरफुल अलोम सईद का नाम अचानक से सुर्ख़ियों में ट्रेंड कर रहा है. जिसकी खास वजह यह है कि बांग्लादेश में सईद ‘हीरो अलोम’ के नाम से मशहूर हैं. बांग्लादेश के इस एक्टर को सोशल मीडिया और यू-ट्यूब स्टार के तौर पर जाना जाता है. लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर अचानक से इनकी चर्चा भारत में क्यों होने लगी है?

अलोम का उड़ रहा है मजाक

बॉलीवुड और हॉलीवुड में ‘हीरो’ की जो पर्सनालिटी होती है. अगर उस पैमाने के लिहाज से देखें तो अलोम साधारण कद काठी, पतले शरीर और सांवले रंग के हैं और भारत में चर्चा में आने की वजह उनका शरीर और रंग ही है. सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग हीरो अलोम का मजाक बना रहे हैं.

अलोम के व्यू लाखों में

ख़बरों के मुताबिक हीरो अलोम कई म्यूजिक वीडियो बना चुके हैं. इन वीडियो में वह खुद हीरो का रोल करते हैं. साथ में गोरे रंग की सुंदर मॉडल्स भी होती हैं. सोशल मीडिया पर इन्हीं वीडियो से ली तस्वीरें शेयर की जा रही हैं. अलोम के यू-ट्यूब चैनल के व्यू लाखों में हैं. अलोम का लोकल केबल नेटवर्क का बिजनेस भी है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अलोम की काबिलियत की तारीफ भी कर रहे हैं.

Thursday, 15 December 2016

International Tea Day - Anuj Pareek/DhunZindagiKi


हम में से ज्यादातर लोगो की दिन की शुरुवात चाय से ही होती हैं |
ज़रा सोचिये अगर चाय नहीं हो तो क्या हो ?
हम में से कई लोगो की तो दिन की शुरुवात हो पाना ही मुश्किल हो जाएगी|
कई जरूरी काम पेंडिंग ही रह जायेंगे 
मूड ठीक नहीं होने या मूड फ्रेश करने के लिए चाय का उपयोग किया जाता जाता हैं 
या फिर चाय की  चुस्की के साथ गप्पे लड़ाना 
दोस्तों के साथ चाय की थड़ी पे चाय के साथ सपनो की दुनिया में खो जाना 
चाय वाक़ई चाय ना हो तो क्या हो 
तो चलिए जानते हैं चाय से जुडी खास जानकारी धुन ज़िन्दगी के इंफोटेनमेंट के पिटारे में जहां मिलता हैं आपको मस्ती के साथ इंफोटेनमेंट बोले तो ढेर सारी रोचक जानकारी एक अलग अंदाज़ में तो पढ़ते रहिये रोज़ाना जानकारी का खज़ाना धुन ज़िन्दगी की 
भारत में चाय का कारोबार शुरू से ही चलता आ रहा हैं असम में चाय के बागान हैं 
लेकिन क्या आप जानते हैं भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व भर में मनाया जाता हैं चाय दिवस जी हां इंटरनेशनल टी डे पुरे वर्ल्ड में मनाया जाता हैं 
आज इंटरनेशनल टी डे पर आज हम आपको बताएंगे पहला चाय दिवस कब और कहा मनाया गया 
पहला चाय दिवस 15 दिसम्बर 2005 को नई दिल्ली में मनाया गया था और दूसरा इंटरनेशनल टी डे श्रीलंका में 15 दिसम्बर 2006 को मनाया गया था 
चाय की चुस्की के साथ पढ़ते रहिये धुन ज़िन्दगी की 
अनुज पारीक 
धुन ज़िन्दगी की 
Keep Reading & Keep Smiling Dhun Zindagi Ki 

Wednesday, 14 December 2016

धुन बचाव की/DhunZindagiKi

बुद्ध ने एक सच्चाई बताई थी---
​मरना सभी को है...​​लेकिन मरना कोई नहीं चाहता...​
आज परिस्थिति और भी विषम हैं​|
भोजन सभी को चाहिए लेकिन..​--  ​खेती करना कोई नहीं चाहता​....
पानी सभी को चाहिए लेकिन..​​पानी बचाना कोई नहीं चाहता..​..
दूध सभी को चाहिए लेकिन ...​..​गाय पालना कोई नहीं चाहता...​
​छाया सभी को चाहिए लेकिन...​.​पेड़ लगाना और उसे​ जिन्दा रखना कोई नहीं चाहता...​
बहु सभी को चाहिए पर.....​बेटी बचाना कोई नहीं चाहता !!
Save Water .......
पानी बचाओ 
पेड लगाओ 
बेटी बचाओ
Dhun Zindagi Ki 

Saturday, 10 December 2016

मानव अधिकार दिवस/human right's day

अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे
दुसरो के अधिकारों का भी सम्मान करे


मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। वर्ष 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर को हर साल इसे मनाये जाने की घोषणा की गयी थी। इसे सार्वभौमिक मानव अधिकार घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के सम्मान में प्रतिवर्ष इसे विशेष तिथि पर मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में मानव अधिकार दिवस आधिकारिक तौर पर 1950 में 4 दिसंबर को स्थापित किया गया था।
सभी सदस्य देशों और रुचि लेने वाले संगठनों को इस दिन को मनाने के लिए आमंत्रित किया गया। मानवाधिकार का उच्चायुक्त कार्यालय मानवाधिकारों की घोषणा का (380 के आसपास भाषाओं) में अनुवाद संग्रह और दुनिया भर में वितरण में के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा सम्मानित किया गया
ये दिन मानव अधिकारों के सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राजनीतिक सम्मेलनों, बैठकों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वाद-विवाद और कई और कार्यक्रमों का आयोजन करके मनाया जाता है।
समानता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था लाने तथा शोषितों को उनका वाजिब हक दिलाने की कम्यूनिस्ट अवधारणा ने भी मानवाधिकारों के प्रति सम्मान करने का मार्ग प्रशस्त किया । विश्व के अनेक देशों में लोकतांत्रिक सरकारों के गठन से इस मार्ग के अवरोध दूर होने लगे क्योंकि सबों को न्याय मिल सके, लोगों को उन्नति के समान अवसर झप्त हों, यह लोकतंत्र का मूलमंत्र है ।
इस तरह जब दुनिया में शांति, स्थिरता, आत्मसम्मान आदि भावनाएँ प्रबल हुईं तो मानव के जायज अधिकारों के बारे में गंभीर चिंतन आरंभ हुआ । संयुक्त राष्ट्र संघ के गठन के तात्कालिक एवं दीर्घकालिक उद्‌देश्यों को गंभीरता से देखें तो मानवाधिकारों को तय करना, उसकी रक्षा करना जैसी बातें उसी में से निकल कर आती हैं ।
किसी भी देश में मानव गरीबी सबसे बड़ी मानव अधिकार चुनौती है। मानव अधिकार दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन से गरीबी का उन्मूलन और जीवन को अच्छी तरह से जीने में मदद करना है। विभिन्न कार्यक्रम जैसे: संगीत, नाटक, नृत्य, कला सहित आदि कार्यक्रम लोगों को अपने अधिकारों को जानने में मदद करने और ध्यान केन्द्रित करने के लिये आयोजित किये जाते हैं।
Equal = 
Human Right's Day 

Dhun Zindagi Ki 



Thursday, 1 December 2016

JolyWood/जॉलीवुड/DhunZindagiKi

बदलते वक़्त और दौर के साथ राजस्थानी सिनेमा 
भी अपनी  रचनात्मकता क्रियाशीलता व तकनीकी  के बदौलत प्रतिमान गढ रहा है .
राजस्थान की फिल्म इंडस्ट्री में भी वक़्त के साथ नए बदलाव व नए - नए एक्सपेरिमेंट से राजस्थानी सिनेमा भी पॉलीवुड व टॉलीवुड  की तरह देश भर के सिनेमा पर होगा . 
जॉलीवुड का असर भी दर्शको के सर चढ़ कर बोल रहा है .
जॉलीवुड जी हां अब राजस्थानी सिनेमा जॉलीवुड के नाम से जाना जायेगा !

jio New Year Offer

Jio India Jee Bhar ke Digital Life
                 
          Jio India jio Digital LYF 


रिलायंस जिओ यूजर्स के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिलायंस जिओ चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की है की जिओ यूजर्स अब वेलकम ऑफर का 31 मार्च तक इस्तेमाल कर सकते हैं| आपको बता दें कि यह ऑफर 5 सितंबर को लॉन्च किया गया था और 31 दिसंबर को खत्म होना था। लेकिन अब यह प्लान 31 मार्च 2017 तक जारी रहेगा। टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि ट्राई के मौजूदा नियमों के तहत कोई भी ऑपरेटर 90 दिन से ज्यादा यूजर्स को फ्री वेलकम ऑफर नहीं दे सकता।

रिलायंस जिओ कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा है कि जिओ का वेलकम ऑफर अब 31 मार्च 2017 तक चलेगा|

जिओ का हैप्पी न्यू इयर ऑफर:-

कंपनी के चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने यूजर के डाटा इस्तेमाल करने का आंकलन किया है। इसी के चलते कंपनी हैप्पी न्यू इयर ऑफर लॉन्च कर रही है। इस ऑफर के तहत यूजर जितना डाटा यूज करता है उससे 30 फीसदी ज्यादा डाटा यूजर को दिया जाएगा।

क्या है कंपनी का वेलकम ऑफर?

रिलायंस जिओ ने अपने यूजर्स को 3 महीने तक फ्री अनलिमिटेड इंटरनेट, कॉल्स और जिओ एप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन दिया था। साथ ही यूजर्स को फ्री एसएमएस की सुविधा भी दी थी।



1. 5 सितंबर से 31 दिसंबर 2016 तक रिलायंस जियो दे रहा सब कुछ फ्री
2. रिलायंस जियो वेल्कम ऑफर, अनलिमिटेड डाटा वॉयस एसएमएस वाइफाइ जियो एप्स 31 दिसंबर 2016 तक मिलेगा बिल्कुल फ्री
3. किसी भी डाटा प्लान के साथ वॉयस कॉलिंग और एसएमएस हमेशा के लिए फ्री
4. भारत के 30,000 स्कूलों और कॉलेज में लगेगा जियो वाइ-फाइ, मोबाइल डाटा यूसेज होगा कम
5. स्पेशल स्टूडेंट ऑफर, आईकार्ड दिखाने पर स्टूडेंट्स को मिलेगा 25 फीसदी अतिरिक्त डाटा
6. हर प्लान में अनलिमिटेड नाइट फ्री डाटा
7. महज 50 रुपये में मिलेगा 1जीबी डाटा
8. रिलायंस जियो में नहीं लगेंगे रोमिंग चार्जेज
9. रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए सारी वॉयस कॉल फ्री
10. आधार कार्ड के जरिए 15 मिनट में मिलेगा जियो कनेक्शन
11. 15000 रुपये की एप्स सब्सक्रिप्शन जियो दिसंबर 2017 तक देगा फ्री
12. अधिक डाटा यूज करने पर डाटा की कीमत होती जाएगी कम.

Jio India Jio Digital LYF 

Jio India Jio Digital LYF 

Monday, 28 November 2016

man ki bat 27 November 2016


MAN KI BAAT 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नोटबंदी के बाद आज पहली बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश को संबोधित किया। कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि इस बार मैंने दिवाली पर चीन की सीमा पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई। 500 और एक हजार के नोट के बंद करने के अपने फैसले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूरा विश्व हमें इस उम्मीद से देख रहा है कि क्या हम इसमें सफल होंगे। लेकिन हम सवा सौ करोड़ देशवासी इसे सफल करके ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लेस कैश की आदत डालिए तो कैशलेस सोसायटी अपने आप बनेगी।

पांच सौ और हजार के नोट के बैन पर की बात:- 

इस बार जब मैंने ‘मन की बात’ के लिये लोगों के सुझाव मांगे, तो मैं कह सकता हूं कि एकतरफा ही सबके सुझाव आए, सब कहते थे कि 500 और 1000 रुपये वाले नोटों पर और विस्तार से बातें करें। मैंने सबसे कहा था कि निर्णय सामान्य नहीं है, कठिनाइयों से भरा है। निर्णय लेने से ज्यादा कठीन है इसे लागू करना। इससे निकलने में 50 दिन लग ही जाएंगे। तब जाकर हम इससे निकल पाएंगे। 70 साल से हम जिस बीमारी को झेल रहे थे, इसके बाद हम इससे निकल जाएंगे।

आपकी पेरशानियों को मैं समझता हूं। भ्रमित करने के प्रयास चल रहे हैं फिर भी देशहित की इस बात को आपने स्वीकार किया है। कभी-कभी मन को विचलित करने वाली घटनायें सामने आते हुए भी, आपने सच्चाई के इस मार्ग को भली-भांति समझा है।

पूरा विश्व उम्मीद से देख रहा है:- 

500 और 1000 के नोट के चलन से बाहर होने के फैसले को पूरा विश्व इसे देख रहा है। सभी लोग सोच रहे हैं क्या इसमें सफल होंगे क्या। लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासी इसे सफल करके ही रहेंगे। इसका कारण आप हैं। इस सफलता का मार्ग ही आप हैं।

सभी बैंककर्मियों को सराहा:- 

केंद्र सरकार, राज्य सरकार एक लाख तीस हजार बैंक, उनके कर्मचारी, पोस्ट ऑफिस सभी इसमें जुटे हुए हैं। सभी लोग इसे देशहीत में मानकर काम शुरू करते हैं। सुबह से शाम तक इसमें जुटे रहते हैं। इससे ये साबित होता है कि ये सफल होगा।

खंडवा में एक बुजुर्ग इंसान का एक्सीडेंट हो गया। बैंककर्मी को जब ये मालूम चला तो उनके जाकर मदद पहुंचाई। ऐसे कई कहानियां हैं जो मीडिया और अखबारों में आती रहती हैं।

जनधन योजना के दौरान सभी बैंककर्मी ने जो एक जुटता दिखाई थी वहीं एक बार फिर वे इसे सच कर दिखाएंगे। कई लोगों को लगता है कि इसके बावजूद वे अपने कालेधन को ठीकाने लगा लेंगे। इसके लिए भी उनलोगों ने गरीबों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि आप गरीबों की जिंदगी के साथ न खेलें। आप ऐसा न करें कि गरीब का नाम आए जाए और जब जांच हो तो आपक नाम आए।



MAKE IN INDIA



The Make In India investment destination and a global hub for manufacturing , design and innovation by encouraging both multinational as well as domestic companies to manufacture their products within the Country.
By launching of the 'Make IN iNDiA' 
Initiative in September 2014 , Government has set up a target to increase the contribution of manufacturing sector 16% of GDP currently to 25% by 2025.
It is a major national initiative designed to facilities investment;
Foster Investment;
Enhance Skill Development;
Protect Intellectual Property , 
And build best In Class manufacturing Infrastructure.

Modi's Make In India ' is not only making India economically independent , self sufficient and self-sustaining  (Swadeshi) but extending beyond it with progressive outlook of making India 
Economically Vibrant and Global 
Manufacturing hub to creat surplus 
For exporting with ascent of support from overseas countries by inviting them to setup manufacturing base in India through Investment, Technology transfer etc. 

                 MAKE IN INDIA

Sunday, 27 November 2016

Digital India

The VISION of Digital India Programme is to transform India into a digitally empowered society and knowledge economy.
Digital India is an ambitious programme of government of India Projected at Rs 1,13,000 Crores .
The Digital India Vision provides the intensified impetus for further momentum and progress for
 e -Governance and would promote inclusive growth that covers electronic services, products, devices, Manufacturing and job Opportunities .
Make In India 
Digital India 

Wednesday, 16 November 2016

About Dhun Zindagi Ki

Dhun Zindagi Ki 
Will Provide Motivational Content , Stories , Poetry Article On Current Issues & much more Content in Hindi.
Keep Reading & Keep Visiting 
http://dhunzindagiki.blogspot.com
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dhunzindagiki@gmail.com
+91-9587610005 
If you have any query or want to ask any question about DhunZindagiKi then feel free to Contact 
You Can Use Below form to Contact Us 
Keep Reading & Keep Smiling 
DhunZindagiKi 
क्योकि ज़िन्दगी में किसी भी मुकाम को हासिल करने के लिए धुन का होना ज़रूरी है
Anuj Pareek 
Dhun Zindagi Ki

Tuesday, 15 November 2016

Mera Desh Badal raha hai / मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है




परिवर्तन संसार का सबसे बड़ा नियम है

Nothing is Permanent
Change is Permanent

जब बदलाव होते है तो कुछ नया तो होता ही है लेकिन जब नए के साथ अच्छा हो तो यानि बदलाव अच्छे है 
ब्लैक मनी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद रिश्वतखोरो और कालेधन के भंडार वालो की खटिया ही खड़ी हो गयी है 
लेकिन इस पर विपक्षियों के बयान किसी चुटकले से कम नहीं आ रहे 
कोई लाइन में खड़ा होकर बोल रहा है जनता के दर्द को समझ रहा हूँ , तो कोई सरेआम दो हज़ार के नोट को जला रहा है 
क्यों कर रहे है ये सब यानि कारण साफ-साफ गोदाम भरे है इनके पास काले धन से .
देश में हो रहे इस बदलाव के लिए क्या आप इतना भी सहन नही कर सकते 
सिर्फ लाइन में लगने से परेशानी वो भी खुद की करेंसी चेंज कराने में
देश हित में सहयोग करे .. 
थोड़ा वक़्त लगेगा यक़ीनन परिणाम बहुत अच्छे आएंगे 
मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है 
जय हिन्द 

अनुज पारीक 
धुन ज़िन्दगी की #DhunZindagiKi

Saturday, 12 November 2016

अफवाहों पर ध्यान ना दे देश में नमक का उत्पादन जरूरत से अधिक - उद्योग व वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार

Namak Desh Ka - Dhun Zindagi Ki
देश में नमक का उत्पादन स्थानीय जरूरत से कहीं अधिक है और सभी जगह नमक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। नागरिकों से अनुरोध है कि बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान न दें और हड़बड़ी में अंधाधुन्द खरीद न करें।
 उद्योग व वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार   

Wednesday, 9 November 2016

ईमानदार खुश बेईमान पुश उड़ गए तोते - Ud gaye tote - Anuj Pareek

ईमानदार खुश , बेईमान पुश  😟😞 उड़ गए तोते


चाय की थड़ी पे दोस्तों के साथ गप शप तो करते ही है या फिर ऑफिस में लंच टाइम में अपने कलीग्स से देश , राजनीती , भ्रष्टाचार और भी कई ऐसे मुद्दे  जो हमारे लिए चर्चा का विषय होते है चाय की चुस्कियों के साथ सब अपने विचार रखते है .
आईडिया कैसा भी हो .
आज से ठीक 4-5 साल पहले हमने भी इधर की सुनी तो जा दोस्ती को बोली 
यार अगर 500 और 1000  के नोट बंद कर दिए जाये तो 
क्या हो ????
धुंवा उड़ाते उड़ाते प्यारेलाल भी बोल उठा भाई काले धन पे लगाम लग जाएगी
तभी एक और आवाज़ आई लेकिन ऐसा हो पाना मुश्किल है 
इन्ही शब्दो के साथ और धुवों के आखिरी कश के साथ नोटों वाली बात को भी उड़ा दिया

लेकिन जब ये ख़बर सुनी  आज आधी रात से 500 और 1000 के नोट बंद 
तो एक बार के लिए तो यकीं नही हुआ तभी हमारे दोस्त का भी फ़ोन आ गया भाई आज बहुत खुश हूँ  मेने पूछा भाई हुआ क्या 
बता तो सही क्या बात है ..
पूछ मत अब से पहले ईमानदार होने की ख़ुशी आज तक नहीं थी .
यार प्यारे साफ़ साफ़ बोल 
भाई मोदी सरकार का एलान 500  और हज़ार के नोट आज से बंद एक पल को लगा प्यारे भी बोखला उठा है .
हमने फ़ोन रखा टेलीविज़न चालू किया तो आज की बड़ी ख़बर 
खुद ही के मुह पर पानी  मारा .
फेसबुक ट्विटर चेक किया तो धड़ाधड़
पोस्ट, शेयर 
फिर से फ़ोन की घंटी बजी फ़ोन पे प्यारेलाल भाई मैं तो खुश हू  ख़ुशी के मारे आज २ पेग एक्स्ट्रा 
मैं  हँसने लगा आखिर ख़ुशी तो मुझे भी थी 
मेने प्यारे से पूछा भाई एक बात बता जब एक बार को मुझे यकीं नही हुआ तो उन लोगो को तो बुरा सपना लगा होगा 
प्यारे बोलता है भाई तोते उड़ गए भाई तोते  खैर जो भी ये एलान वाकई उन लोगो के लिए तोते उड़ाने वाला था 
फिर से प्यारे का फ़ोन भाई सेलिब्रेट करते है आज .
हां प्यारे तभी उठाई कलम और लिख डाली दिल की बात 
प्रधान मंत्री महोदय को दिल से सल्यूट 
जय हिन्द 
Anuj Pareek 
Dhun Zindagi Ki 


Friday, 28 October 2016

Dhun Zindagi Ki Wishes EveryOne a Very Happy Deepawali

आशा,उल्लास और उमंग  का  दीपक हमेशा आपके जीवन में जलता  रहे ,
असंख्य  दीपमालाएं आपके जीवन  की हर राह को आलोकित करे
रोशनी के इस पावन पर्व पर आपको ढेरो शुभकामनाएं
  हँसते रहिए मुस्कुराते रहिए !
Keep Reading Dhun Zindagi Ki
Anuj Pareek 
Dhun Zindagi Ki 

Thursday, 27 October 2016

Wish you A Very )(appy Dhanteras

धन के देवता कुबेर और धन की देवी लक्ष्मी की सदा आप सभी पर कृपा बनी रहे 
आपके जीवन में सदा खुशियों की बहार हो और आपका जीवन यू ही जग मग रोशन रहे 
शुभकामनाएं
                      Dhun Zindagi Ki 
)(appy Dhanteras

Wednesday, 26 October 2016

Bali Ka Bakra (बलि का बकरा)

बिस्किट की क्रीम बॉस, यहा हाथ आता है तो कोरा बिस्किट / बलि का बकरा : अनुज पारीक

एक मूवी देखते हुए एक COMEDY ARTIST के JOKE पे ग़ौर किया 
उसपे थोड़ा सोचा तो एक बात निकलकर सामने आई 
दरअसल एक NEW EMPLOYEE दवारा मीटिंग मे दिए गये सुझाव को सराहा गया और उस EMPLOYEE की खूब तारीफ़ की गयी  , 
 EMPLOYEE KUSH BOSS PUSH
यानी आइडिया विदाउट फिल्टर हुए  डाइरेक्ट मीटिंग मे रख दिया जाए तो बॉस के रिएक्शन तो देखने लायक ही होंगे
और ठीक हुआ भी एसा ही और रील से हटकर रियल लाइफ मे झाकने की कोशिश करे तो उन बाकी एम्पॉलयस के साथ भी यही होता है 

जो भी हो बॉस के रिएक्शन बड़े कमाल के होते है 

क्यो बे .. तू ज़्यादा समझदार है क्या ? 
अगर ज़िंदगी मे आगे बड़ना है अपने सीनियर की Respect  करो 
खेर छोडो आगे से कोई भी आइडिया बताने से पहले मेरे साथ Share कर लिया करो 

मजबूरी एम्पलोई की
बिस्किट की क्रीम बॉस, यहा हाथ आता है तो कोरा बिस्किट 

यही तो होता है, होता भी यही है 
काम कोई करे क्रेडिट कोई और साला हाथ वही बिस्किट 
सुबह बन ठन पूरे जोश जुनून के साथ दिन भर काम फिर शाम को चूसे हुए आम की तरह ऑफीस से घर 
 दौड़े कोई और CREDIT  कोई और ले जाता है 
बोनस प्रमोशन तो हाथ आता नही फिर वही एक चारा REVITAL  जियो जी भर के.......
आख़िर क्यो Management  को नही दिखता ..Organization के लिए कौन  समर्पित है !

 लेकिन बलि का बकरा बेचारा एम्पलोई बन जाता है ठीक उसी बकरे की तरह  


Well बकरे से एक कहानी याद आई !



एक बार एक किसान का घोडा बीमार हो गया। उसने घोड़े के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया।
डॉक्टर ने घोड़े को देखा और बोला "आपके घोड़े को काफी गंभीर बीमारी है। हम तीन दिन तक इसे दवाई देकर देखते हैं, अगर यह ठीक हो गया तो ठीक नहीं तो हमें इसे मारना होगा। क्योंकि यह बीमारी दूसरे जानवरों में भी फ़ैल सकती है।"

यह सब बातें पास में खड़ा एक बकरा भी सुन रहा था।

अगले दिन डॉक्टर आया, उसने घोड़े को दवाई दी चला गया। उसके जाने के बाद बकरा घोड़े के पास गया और बोला, "उठो दोस्त, हिम्मत करो, नहीं तो यह तुम्हें मार देंगे।"

दूसरे दिन डॉक्टर फिर आया और दवाई देकर चला गया।

बकरा फिर घोड़े के पास आया और बोला, "दोस्त तुम्हें उठना ही होगा। हिम्मत करो नहीं तो तुम मारे जाओगे। मैं तुम्हारी मदद करता हूँ। चलो उठो"

तीसरे दिन जब डॉक्टर आया तो किसान से बोला, "मुझे अफ़सोस है कि हमें इसे मारना पड़ेगा क्योंकि कोई भी सुधार नज़र नहीं आ रहा।"


जब वो वहाँ से गए तो बकरा घोड़े के पास फिर आया और बोला, "देखो दोस्त, तुम्हारे लिए अब करो या मरो वाली स्थिति बन गयी है। अगर तुम आज भी नहीं उठे तो कल तुम मर जाओगे। इसलिए हिम्मत करो। तुम्हे उठना होगा दौड़ना होगा 
बकरे की बातों से घोड़ा मोटीवेट हो जाता और खड़े होने की कोशिश करता है और दौड़ने लगता है .
ये सब किसान देख कर खुशी के मारे झूम उठता है चिल्लाने लगता है मेरा घोड़ा ठीक हो गया .
ये तो "चमत्कार हो गया।  अब तो जश्न होगा पार्टी होगी  आज बकरे का मीट का खाएँगे !

ठीक एसे ही Management की आँखो पर भी पट्टी बँधी रहती है 

वो ये देखने की कोशिश नही करते आख़िर घौड़ा दौड़ा कौन  रहा है !.........
                                                                              Anuj Pareek (Dhun Zindagi Ki)

Monday, 24 October 2016

Dhun Zindagi Ki - One Line Story by Anuj Pareek

·        ख्वाहिशों के दाने

आशा की एक किरण जीने की एक राह...

वो मकसद ज़िन्दगी का बदल गया

हंस कर सहे हर दर्द तेरे

अलग है कुछ मेरे दिल की कहानी...

KOSHISH by Anuj Pareek

                                                   " कोशिश "
Anuj Pareek 
हर इंसान को किए का मिलता है 
कोशिश करने वाले को फल तो मिलता है 
अगर करता है कोई काम में विश्वास 
चाहत तो क्या उम्मीद से दुगुना मिलता है 
वो जो कहते है किस्मत नहीं देती साथ हमारा 
उनसे कह दो कर्म तो कर फल जरूर मिलता है 
हाथ पे हाथ धरने से नहीं होगा काम तुम्हारा 
काम लेना सीख ले अपने हाथ की लकीरो से 
फिर देख मुक्कदर तेरा कैसे नहीं बनता है 
हे राह के राही करता रहे निरन्तर कोशिश 
 फिर देख खुदा क्या करता है 
कोशिश करने से ही होगी मुश्किलें आसा तेरी 
  बता बिना कोशिश हुई है कभी कोई कहानी पूरी !
                                                                                                                                                           अनुज पारीक 
                                                                                               

Saturday, 22 October 2016

One line by Anuj Pareek - Dhun Zindagi Ki




              
One line by Anuj Pareek- Dhun Zindagi Ki 


·        ज़िन्दगी चल ना ख्वाबों से मेरे ... 
       
·        ज़िन्दगी  एक  संगर्ष  है  और  मेरी  कहानी  इससे  कुछ  ज्यादा 
·       
  मुझे मत रोको अपनी उड़ान से उड़ने दो मुझे खुले आसमान में 
·       
 
पहचान के मायने तो तब बदलते है जब मुलाकात कामयाबी से हो



·        One line by Anuj Pareek- Dhun Zindagi Ki 

·        #AnujPareek #DhunZindagiKi #OneLine 


Thursday, 20 October 2016

Journey Of Sanjay Shaferd On Cycle

कहते है ज़िन्दगी में किसी मुकाम को पाने 
या फिर किसी तलाश को पूरा करने के लिए धुन का होना जरूरी है
और जब होती है धुन सवांर तो बिना किसी परवाह किये निकल पड़ते है राही मंज़िल की तलाश में
ये तलाश कभी अपने लिए तो कभी अपनों के लिए , लेकिन जब ये तलाश  किसी  साहित्यकर्मी की हो तो बात अपने लिए , अपनों के लिए तक ही सीमित नहीं बल्कि  समाज के लिए होती है .
जी हां दोस्तों एक ऐसी ही तलाश से रूबरू होंगे आप 
धुन ज़िन्दगी की ...
कविता और साहित्य प्रेम से लोगो के दिलों में एक खास जगह बना चुके संजय शेफर्ड 
अपने जीवन के बेहद ही रोमांचक यादगार सफर पर निकल रहे है
ये सफर राइडिंग फॉर पोएट्री अभियान  पुरे एक माह का होगा जो कि नवम्बर महीने से शुरू होगा
एक माह की इस यात्रा के दौरान  उत्तराखंड के कई जिलों में कई पड़ताल भी करना चाहते है संजय शेफर्ड
इस सफर का मुख्य उद्देश्य ट्रेडिशनल मेडिसिन, डार्क टूरिज्म, ब्लैक टूरिज्म, ग्रेव टूरिज्म और सेक्स टूरिज्म जैसी  चीजों की खोज  करना समाज में हो रही गतिविधियों को देखना समझना है .
तो आइए जानते है इस सफर से जुडी तमाम जानकारियां किताबनामा और हिंदी स्टूडियो के संस्थापक संजय शेफर्ड से ...
कब शुरू होगी यात्रा , इस यात्रा में क्या खास होगा और क्या इस सफर का उद्देश्य है ?
नवम्बर महीने से एक माह की यह यात्रा शुरू होगी.साइकिल से इस साहित्य यात्रा पर निकल रहा हूं. इस दौरान उत्तराखण्ड के सभी 13 जिलों में साहित्य, संस्कृति और समाज को जानने- समझने का प्रयास करूंगा. हालांकि उत्तराखंड का मैं 2-3 बार स्टेट- कोऑर्डिनेटर रह चुका हूं, वहां के जन- जीवन और संस्कृति से भलीभांति वाक़िब हूं. बावजूद इसके वहां अभी भी समझने के लिए बहुत कुछ बाकि रह गया था जिसे अब पूरा करने जा रहा हूं. मैं वहां के कला एवं साहित्य जगत से जुड़े लोगों से मिलूंगा, उनके जन्मस्थान पर जाकर कुछ समय व्यतीत करूंगा. ट्रेडिशनल मेडिसिन, डार्क टूरिज्म, ब्लैक टूरिज्म, ग्रेव टूरिज्म और सेक्स टूरिज्म जैसी अकल्पनीय चीजों की खोज करूंगा. विभिन्न (13 ) नवोदय विद्यालयों में जाकर अपने छोटे भाई बहनों से मिलूंगा. उनकी हिन्दी को अपनी नई वाली हिन्दी की मुलाक़ात करवाऊंगा. उन्हें दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे महिला हिंसा, तेजाब हमलों से अवगत कराऊंगा और आलोक भाई, आशीष बाबा, लक्ष्मी के कैम्पेन स्टॉप एसिड अटैक के बारे में बताऊंगा. असीम भाई उस समय यूरोप के किसी देश में होंगे पर बातचीत होती रहेगी.
मेरे पास से इस दौरान मेरे एटीएम, डेविट कार्ड, क्रेडिट कार्ड सब छीन लिए जायेंगे. कुछ कैश होगा जो एक हजार से भी कम होगा. मिलना दुर्लभ होता है पर मैंने वाइल्ड फ्रूट और वेजिटेबल की सारी जानकारी रख ली है. कुछ कांटेक्ट भी निकाल लिए हैं. सारे लोग मेरे संपर्क में सोशल मीडिया पर बने रहेंगे. मुझे दिन में यात्रा करनी होगी. रातें किसी गांव- देहात या घाटी में खुले आसमान के नीचे टेंट में बितानी होगी. बैकअप के लिए प्रदेश के सभी जिला पर्यटन अधिकारी और सरकारी टूरिस्ट सेंटर मेरे सहयोगी होंगे. वह मुझसे मुलाकात के आलावा और कोई मदद नहीं कर सकेंगे. मेरा बैगपैक 12 किलोग्राम का होगा. जिसमें तीन जोड़ी कपडे, एक कैमरा, एक सटेलाइट फोन, एक लैपटॉप, टेंट, स्लीपिंग बैग, टार्च, रस्सी, हुक्कस, पानी की बोतल, कुछ जरुरी मेडिसिनस, हाई- बर्ड की तीन साइकल्स, और ढेर सारी दोस्तों की दुआएं होंगी

मेरी इस यात्रा को जेएनवी के 6 लाख स्टूडेंट सुपोर्ट करेंगे. वर्ल्ड की सबसे बड़ी स्टूडेंट एलुमनी All India JNV Alumni Association का सहयोग होगा. महेन्द्र, पुष्पेंद्र और सुरेश राठी जो मेरे बड़े भाई के समान हैं उनका मार्गदर्शन बीच- बीच में मिलता रहेगा. आप लोग भी अपना सहयोग बनाए रखें. खासकर उत्तराखंड के लोग मुझे होस्ट कर सकते हैं. मुझसे मिलकर कविताएं सुन सकते हैं. साहित्यिक चर्चा कर सकते हैं. किसी साहित्कार से मिलने के लिए सजेस्ट कर सकते हैं. इतने सारे काम एक माह में पूरा करना है. कविताएं लिखनी है. कुछ आर्टिकल लिखने हैं और दुनिया के लोगों के साथ अपडेट भी रहना है. तस्वीर,कविता और कहानी के साथ .
अनुज पारीक
(धुन ज़िन्दगी की)